खांसी सर्दी – ठंड लग जाने पर अक्सर सर्दी खांसी की शिकायत हो
जाती है, ऐसी हालत में सोंठ और काली मिर्च का चूर्ण एक-एक ग्राम लेकर
दस ग्राम गुड में मिलाकर सुबह-शाम खायें।
अपच-गुड के साथ अजवाइन, भूना जीरा भोजन के उपरांत थोड़ा सा खा लें अफारा दूर हो जायेगा।
बलवीर्य- पूरे शीतकाल तक काली तिल, गुड का लड्डू खालेने से शीत से
बचाव होता है। बल वीर्यवर्धी होती है।
ह्दयदुर्बलता- पुराना गुड ह्दय को बल देता है। भोजन के बाद पुराना गुड दोनों समय खाने से कमजोर ह्दय को बल मिलता है ।
कांटा चुभना- कभी कांटा या कांच का टुकड़ा चुभ जाय, बाहर न निकल रहा हो,तो थोड़ा गुड गरम करके उस जगह पर बांध दें, कांटा अपने आप निकल जायेगा। वास्तव में गुड एक उपयोगी वस्तु है।

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