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मई 2008


ब्लॉग्स (4)
औषधि के रूप में चौलाई के पंचाग यानि पांचों अंग जड़, डंठल, पत्ते, फल और फूल काम में लाये जाते हैं। इसकी डंडियों और पत्तियों में प्रोटीन, खनिज, विटामिन ए, सी प्रचुर मात्रा में है। इसका सेवन सब्जी या सूप के रूप में होता है। चौलाई पेट के रोगों के लिए गुणकारी ... आगे पढ़ें...

-पायरिया के लिये हल्दी में सेंधा नमक सरसों का तेल मिलाकर दातों पर मलें .-त्वचा काली पड जाय तो हल्दी बादाम पीसकर दही में मिलाकर त्वचा पर लगायें.-बवासीर होने पर,हल्दी की भुनी हुई गांठ को पीसकर ग्वरपाठा के गूदे के साथ लेना चाहिये या हल्का गर्म मस्से पर ... आगे पढ़ें...

फल तो खाने के समान ही है। इसके बिना हमारे शरीर को जरूरी तत्व नहीं मिलेंगे, लेकिंन फल कब और कैसे खायें? इस बात पर भी जरा ध्यान दें, तो आपको अधिक फायदा हो सकता है।अक्सर हम फल को मिठाई की तरह खाते हैं। हमें फल हमेशा खाना खाने से पहले खाना चाहिए। खाली पेट फल ... आगे पढ़ें...