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फल लाओ-काटो-खालो, नहीं तो क्या करें?


फल तो खाने के समान ही है। इसके बिना हमारे शरीर को जरूरी तत्व नहीं मिलेंगे, लेकिंन फल कब और कैसे खायें? इस बात पर भी जरा ध्यान दें, तो आपको अधिक फायदा हो सकता है।
अक्सर हम फल को मिठाई की तरह खाते हैं। हमें फल हमेशा खाना खाने से पहले खाना चाहिए। खाली पेट फल खाना सर्वोत्तम है। अधिकतर लोगों का वहम होता है कि सुबह खाली पेट फल खाया, तो ऐसा होगा य़ा वैसा होगा। परंतु फल यदि खाली पेट खाया गया तो आपके शरीर का टॉक्सिक (गंदगी) आसानी से बाहर निकलेगा। ऊर्जा अधिक मिलेगी, बॉडी भी स्लिम होगी तथा स्फूर्ति रहेगी। अगर आप फल खाली पेट खायेंगे, तो आपकी बॉड़ी उसे तुरंत ग्रहण करेगी आंते साफ होगी कारण उसमें फाइबर अधिक होता है। खाली पेट फल खाने से आंते उसे तुरंत खींच लेती है तथा आंतों तो पूरी तरह साफ कर देती है मल को बाहर धकेलती है तथा कब्ज भी दूर होता है। अगर आपने सुबह पहले ब्रेड, बटर, रोटी, पराठे पहले खा लिये, तो वो हजम होने में काफी समय भी लगाता है तथा आंतों को साफ करने में भी कोई मदद नहीं करता है। फल पचने में हल्का होता है। आंतों को साफ कर पोषक तत्वों को हमारे शरीर में आसानी से पहुंचाता है।

प्रतिक्रियाएँ

Re: फल लाओ-काटो-खालो, नहीं तो क्या करें?
फलों के बारे में उपयोगी जानकारी देने के लिए धन्यवाद। इसमें कोई दो मत नहीं कि तमाम शिक्षा हासिल करने के बाद भी भारतीय समाज में सेहत को लेकर औऱ खानपान की आदतों को लेकर कई तरह की भ्रांतियां मौजूद हैं। आशा है आप अपने इस ब्लॉग के माध्यम से इन्हें दूर करने की कोशिश करेंगी। बस सावधानी शायद यही रखना होगी कि इनके जरिये और दूसरी भ्रांतियां पैदा न हों, इसी निवेदन के साथ।
Re: फल लाओ-काटो-खालो, नहीं तो क्या करें?
आपके सुझाव के लिए साधुवाद। हमारे लिए आपका सुझाव पाथेय के समान है। आपसे आग्रह है कि आप समय-समय पर अपने सुझाव देते रहें। मुझे खुशी होगी।
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